धर्म के नाम पर लड़ने वालों को ये वीडियो दिखाओ, चुप्पी छा जाएगी

उत्तर प्रदेश राज्य अपने में हर रंग समेटे हुए है। धार्मिक सद्भावना का एक रंग हमें देखने को मिला उन्नाव और रायबरेली के बीच में स्थित तकिया नाम की एक जगह में। वहां पर मोहब्बत शाह बाबा की मजार और सहस्त्र लिंगेश्वर मंदिर एक ही साथ एक ही जगह पर हैं। इन दोनों की मोहब्बत का जश्न है यहां पर लगने वाला मेला। हिंदू-मुस्लिम एकता और सदभाव का प्रतीक बन चुका तकिया मेला लोगों के लिए मिसाल है। यहां आने वाले हर वर्ग के लोग दोनों ही जगह दर्शन करने आते हैं। मेले में आया हर नागरिक पहले बाबा मोहब्बतशाह व उनके शिष्य न्यामतशाह की मजार पर चादर चढ़ाता है फिर सहस्त्र लिंगेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना करता है।


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बनारस में होने वाली सूर्योदय आरती है भारत में सबसे अलग

बनारस में सूर्योदय की आरती अस्सी घाट पर होती है। यहां होने वाली आरती भारत में होने वाली सभी आरतियों से अलग है। यहां मंत्रोच्चारण लड़कियां करती है। पाणिनि कन्या महाविद्यालय की अध्यापिका इस आरती का नेतृत्व करती हैं। इन्हीं की निगरानी में सुबह का यज्ञ भी होता है। लड़कियों की मीठी आवाज से रोज सुबह सूर्य को आवाह्न दिया जाता है।


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बनारस की गलियों में बसा कोरियन कुजीन

बनारस में बनने वाले व्यंजनों को तो कई लोगों ने चखा ही होगा। पर ऐसे कई विदेशी कुजीन है जो बनारस में उतने ही लोकप्रिय हैं जितना की यहां का लिट्टी चोखा और ठंडई। गंगा घाट की गलियों में आपको कई रेस्टोरेंट मिल जाएंगे जहां आप कोरियाई खाने का मजा ले सकेंगे। इन रेस्टोरेंट को बनारस के ही लोग चला रहे हैं, जो कोरियन भाषा में भी बात करते हैं।


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