मॉनसून के मजे लेने हैं तो यहां घूम कर आओ

आपने घूमने जाने के कई प्लान बनाए होंगे पर बरसात के कारण सारे प्लान चौपट हो गए होंगे। इस रिमझिम बरसात ने तो आपका सारा मजा ही किरकिरा कर दिया होगा। पर आज हम आपको भारत की ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे जहां जाकर आप मॉनसून का मजा ले सकते हैं। बरसात में घूमने के लिए इनसे ज्यादा अच्छी जगह आपको नहीं मिलेगी। इन जगहों पर गहरे नीले पानी से सटे तट हैं, हरे-भरे जंगल हैं, खुली हवा है, प्रकृति का स्पर्श है। मॉनसून के महीनों में इन जगहों की खूबसूरती में और निखार आ जाता है। अगर अभी तक आपने कोई प्लान नहीं बनाया है तो अब इनमें से कहीं पर घूम आइए।

मुन्नार (केरल)

केरल का मुन्नार अपने चाय के बागानों और मसालों के लिये प्रसिद्ध है। अगस्त में बारिश के बाद ये जगह नेचर लवर्स के लिये जन्नत से कम नहीं है। ऊंचे पहाड़ों पर बारिश की बूंदे जब हाथों पर आती हैं तो आप का रोम रोम खिल जाता है। ऊंची धुंध से ढ़के पहाड़। जैसे आसमान आपकी पहुंच से कुछ इंच की दूरी पर हो। यहां बहुत ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं होती। अच्छा समय गुजारने के लिए यह एक बेहतरीन जगह है। यहां आ कर आप प्रकृति के और नजदीक आ जाएंगे।

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चेरापूंजी (मेघालय)

बरसात, गर्म चाय और पकौड़े, ये सब आपकी ट्रिप को मजेदार बना देंगे। धरती पर सबसे ज्यादा बारिश यहीं पर होती है। मेघालय का ये खूबसूरत शहर भीड़-भाड़ से दूर आपको भीगने का भरपूर मौका देगा। अगर आपको हरियाली, जंगल और बरसात पसंद है तो चेरापूंजी आपके लिए बेहतरीन जगह है। यहां आपको तरह-तरह के और अनोखे फूल-पौधे मिलेंगे जिन्हें आपने कहीं न देखा हो। यहां आप मेघालय की चाय का भी मजा ले सकेंगे जो असम की चाय से बिल्कुल अलग है। यहां का डबल डेकर ट्री ब्रिज तो आकर्षण का केंद्र है। यहां आपको बरसात का मजा दोगुना मिलता है और जेब पर खर्च कम पड़ता है।

चांदीपुर (ओडिशा)

ओडिसा की खूबसूरत जगह चांदीपुर में घूमकर आप इस बार अपने मॉनसून को यादगार बना सकते हैं। चांदीपुर तट ओडिशा राज्य के बालेश्वर शहर से 16 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां पर कसुआरिना के पेड़ों और रेत के टीलों का नजारा देखने के लिए लोग बहुत दूर-दूर से आते हैं। यहां की झमाझम बारिश भी हर पर्यटक को यहां आने के लिए आकर्षित करती है। चांदीपुर के समुद्र तट का असली आनंद दूसरे समुद्र तटों से हटकर है।

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लाहौल-स्पीति (हिमाचल प्रदेश)

हिमाचल प्रदेश का लाहौल-स्पीति जिला प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यहां प्रदूषण की मात्रा न के बराबर है। यहां स्कीइंग, याक सफारी जैसे एडवेंचर स्पोर्टस भी करवाए जाते हैं। सर्दियों में भारी बर्फबारी की वजह से यहां के रास्ते बंद कर दिए जाते हैं। यहां बहुत ही सुंदर मॉनेस्ट्री है जो एक अलग ही आत्मिक अनुभव देती है। ऊंचे पहाड़, शुद्ध हवा और बारसात आपको अलहदा सुख और शांति देते हैं।

कुर्ग या कोडागु (कर्नाटक)

कुर्ग, कर्नाटक के लोकप्रिय पर्यटन स्‍थलों में से एक है। यह स्‍थान यहां चहुंओर बिखरी हरियाली के कारण के प्रसिद्ध है। यहां की सुंदर घाटियां, रहस्‍यमयी पहाडि़यां, बड़े – बड़े कॉफी के बागान, चाय के बागान, संतरे के पेड़, बुलंद चोटियां और तेजी से बहने वाली नदियां, पर्यटकों का मन मोह लेती हैं। यह दक्षिण भारत के लोगों के लिए ये बेहतरीन वीकेंड गेटवे है। कूर्ग एक पुराने संसार की याद ताजा कर देता है, यहां के स्‍थानों में प्राचीन काल का चार्म देखने को मिलता है। आप यहां आ कर पूर्वी और पश्चिमी ढलानों के सौंदर्य का लाभ उठा सकते है।

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