भारत का सबसे ऊंचा शिवालय, तृतीय केदार: Tungnath Temple

Madhyamaheswar Temple तो मेरी एक प्लैंड ट्रेक थी। द्वितीय केदार से ट्रेक डाउन करने के बाद हमने रात को रांसी में ही एक लॉज में स्टे किया। हम सुबह जब उठे तो उन वादियों के इश्क में पड़ गए थे और घर जाने का मन नहीं कर रहा था। हम वहां कुछ देर बैठे और बहुत सोच-विचार करने के बाद निकल पड़े तृतीय केदार की तरफ यानि Tungnath Temple। रांसी से हम चोपता की तरफ निकल गए। चोपता Tungnath Temple का base camp है। इसे मिनी Switzerland भी कहा जाता है।

Tungnath Temple
Tungnath Temple

जब भगवान शिव के पांच टुकड़े हुए थे तो तीसरा टुकडा भुजाओं का तुंगनाथ पर्वत पर जा गिर था। पांडवों ने शिव को प्रसन्न करने के लिए यहां पर Tungnath Temple का निर्माण करवाया। Tungnath Temple भारत का सबसे ऊंचा शिवालय है। ये मंदिर समुद्री तल से 3680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, तो आइये आपको ले चलते हैं तुंगनाथ की वादियों में।

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Tungnath Temple का ट्रेक

Chopta
Chopta

जैसे ही हम चोपता पहुुंचे तो हमने देखा कि आसपास हरे-भरे बुग्याल थे। उस वक्त वहां बारिश हो रही थी और वह बुग्याल बहुत ही खूबसूरत नजर आ रहे थे। हम मौसम को लेकर पहले से ही सतर्क थे इसीलिए इस बार हम रेनकोट के साथ चले थे। चोपता में कुछ देर चाय पीने के बाद हम ट्रेक पर आगे निकल पड़े। चोपता से Tungnath Temple का ट्रेक केवल 3 किलोमीटर का है। लेकिन समुद्री तल से बेहद ऊंचाई पर होने के कारण ऑक्सीजन लेवल थोड़ा कम रहता है। इसी वजह से 3 किलोमीटर ट्रेक करने में भी दिक्कतें हो जाती हैं। हमने अपना ट्रेक करना शुरू किया और धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ने लगे। Kedarnath Temple की तरह ही यहां का मौसम भी पल भर में बदल रहा था। एकदम से बारिश, कुहासा और धूप का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन ये सब कुछ झेलते हुए हम जितना भी उपर चढ़ रहे थे नीचे की तरफ उतना ही सुंदर दृश्य देखने को मिल रहा था। चढ़ाई करते वक्त आंखो के सामने केवल सड़क और आसमान था। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हम कितनी ऊंचाई पर थे? बहुत धीमी चाल में प्रकृति का आनंद लेते हुए हम Tungnath Temple तक पहुुंचे। वहां Kedarnath Temple से कम लेकिन Madhymaheshwar Temple से ज्यादा भीड़ रहती है।

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Tungnath Temple के दर्शन

मंदिर पहुंचकर हमने तुंगनाथ बाबा के दर्शन किए। Tungnath Temple की बनावट भी Kedarnath Temple और Madhyamaheshwar Temple की तरह ही है। भव्य मंदिर के गर्भ गृह में आपको बुझाओं के आकार की शीला नजर आएगी। मंदिर के आसपास छोटे-छोटे आकार के कई देवी देवताओं के भी मंदिर आपको दिख जाएंगे। मंदिरों की बनावट बहुत ही पुरानी और पक्की है। यहां से चारों ओर के नजारे बहुत ही मनमोहक दिखते हैं। हिमालय की श्रृंखला आपको अपने पास देखने को मिलेगी।

अगर आप सारी हिमालयी श्रृंखलाओं को एक साथ देखना चाहते हैं तो तुंगनाथ से 3 किलोमीटर और ट्रेक करके देख सकते हैं। Tungnath Temple से ऊपर चंद्रशिला की ओर ट्रेक और भी अधिक चुनौतियों से भरा हुआ है। ऊंचाई ज्यादा होने के कारण सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। हम चंद्रशीला नहीं जा पाए क्योंकि अंधेरा होने से पहले हमें नीचे उतरना था। लेकिन जब आप यहां आएं तो चंद्रशिला जरूर जाएं। वहां से आपको चारों तरफ हिमालय की सारी श्रृंखलाएं भी दिख जाएंगी।

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कैसे पहुुंचे Tungnath Temple?

शुरुआत आपको ऋषिकेश से ही करनी होगी। आप बस या ट्रेन के जरिए भी पहुंच सकते हैं। ऋषिकेश से आपको चोपता के लिए आसानी से बस मिल जाएगी। चोपता से आप ट्रेक करके Tungnath Temple पहुंच सकते हैं।


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